जिंदगी का सफर दीदी के साथ भाग 14

घर पहुंच कर मैंने बेल्ल बजायी तो रोशनी ने दरवाजा खोला उसने एक नया सूट पहना हुआ था और बिना दुप्पटे है उसकी हल्की सी उभरी चूचियाँ मस्त लग रही थी….. मैन भरपूर नजर से उसकी चूचियाँ देखते पूछा भाभी कहाँ है तुम्हारी…. वो बोली आज दोपहर से ही मम्मी के साथ उस कमरे में बातें कर रही हैं तब से निकली ही नही….. मैं अंदर आ कर बैठ गया और जूते उतारने लगा वो किचन से पानी ले आयी और मुझे दे कर बोली भैया आज सुबह भाभी हमे बाजार ले गयी थी और ढेर सारा सामान दिलाया हमे कपड़े पर्स सैंडल और भी बहोत कुछ मैंने कहा अब खुश हो ना तुम…. वो खिलखिला कर हंस दी और बोली क्यों नही अब कमी ही क्या है….. मैंने कहा एक कमी तो है अब भी वो मुझे देखने लगी…. मैंने कहा अब पार्क में रोज मज़ा करने का मौका नही मिलेगा….. वो हंस कर बोली अब उसकी जरूरत भी नही है…. आप जैसे भैया हैं ना मेरे पास मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपनी गोद मे बिठा लिया और वो चुपचाप आराम से बैठ गयी मेरी गोद मे, उसकी जांघ सहलाते हुए मैंने कहा…. भैया से प्यार करोगी ना रोशनी ? वो तुरंत मेरे गले मे हाथ डाल कर बोली इतने प्यारे प्यार करने वाले भैया से कौन प्यार नही करेगा…. जब भाभी आपको प्यार करती हैं तो मैं भी करूंगी…. मैंने उसकी गर्दन पर चूम लिया और वो सिहर सी गयी…. मैंने कहा पता नही मम्मी मुझे प्यार करेंगी य्या नहीं….. वो अपने चूतड़ मेरे लंड पर दबाते हुए बोली करेंगी भैया जरूर करेंगी आप जितना चाहो उतना प्यार करेंगी वो आपको….. तभी रुचि दीदी कमरे में आ गयी और मुझे देख कर बोली आप कब आये… मैंने कहा बस अभी आया…. दीदी मुस्कुरा बोली और आते ही अपनी बहन को गोद मे बिठा लिया…. माँ यहां आओ देखो अपने बेटे की करतूत कैसे जवान बहन को गोद मे बिठा कर मज़े कर रहा है तुम्हारा बेटा सीमा कमरे में आई अपनी मोटी गांड़ हिलती हुई और मुझे देख कर खुश हो कर बोली आ गया मेरा बेटा….. बहू तुम उसे परेशान मत करो बेचारा थका हारा आया है और आते ही उसे परेशान करने लगी अपनी बहन को ही प्यार कर रहा है ना किसी और को तो नही….. मैंने रोशनी को गोद से उठाया और अपने रूम में चला आया रुचि भी मेरे पीछे आ आ गयी मैंने कहा कैसा रहा आज का दिन दीदी बोली बस समझ लो दोनों तैयार तो हैं ही मैंने दोनों को अलग अलग काफी कुछ समझा भी दिया है कि तुम्हे क्या क्या पसन्द है और सीमा तो पूरी मस्त रण्डी है वो कह रही थी कि तुम्हे बेटा बना कर खूब चुदेगी तुमसे हाँ रोशनी थोड़ा सा झिझक रही है उसे ये सब भाई बहन गाली और डर्टी सेक्स का सुन कर अजीब सा लगा है पर वो सब सिर्फ उसकी झिझक है कुछ दिन में सब आदत हो जाएगी उसे भी….. maine दीदी की गांड़ मसलते हुए कहा वाह मेरी रण्डी तुमने तो मेरा दिल और लंड दोनों को खुश कर दिया दीदी हंस कर बोली मेरा तो काम ही है आपके लौड़े को खुशी देना फिर मैंने मम्मी की दवा रुचि को दी और उसे सारी बात समझा दी वो सब समझ कर दवा ले कर चली गयी और सीमा को दवा खिला कर सारी बात समझा कर आ गयी……
मैं कपड़े निकाल कर सिर्फ अंडरवियर में बैठा था….. मैंने कहा रुचि दारू लाया हूँ तो दीदी बोली अभी पियोगी य्या बाद में मैंने कहा एक pag तो पिला ही दो….. वो बोली मैं पिला दूँ या रोशनी को बुलाऊ मैंने कहा जैसा ठीक लगे….. दीदी बोतल लेकर चली गईं और लगभग 10 मिनट बाद रोशनी ट्रे ले कर कमरे में दाखिल हुआ उसने कपड़े बदल लिए थे और अब वो एक कसी हुई लैगिंग और ढीली सी टी शर्ट में थी वो कपड़े दीदी के थे दीदी एक 27 साल की जवान चुदी हुआ औरत थी और वो अभी 18 साल की लौंडिया….. उसने ट्रे मेज पर रखी और झुक कर pag बनाने लगी उसके ढीले गले से झांक रही अर्ध विकसित चूचियाँ देख कर मेरा लौड़ा गरम होने लगा तभी रुचि कमरे में आई और बोली रोशनी भैया का ठीक से ख्याल रखना आज तुम्हे ये जिम्मेवारी दी है….. रोज मैं पिलाती हूँ इन्हें स्पेशल तरीके से…. मैं जा रही हूं मम्मी के साथ किचन में…… रोशनी ने सर हिला दिया और दीदी चली गयी pag बना कर वो मेरे पास आ गयी और मेरी गोद मे बैठ गयी और जाम मेरे होठो से लगा कर बोली भैया पियो….. मैंने दो घूंट भरे और फिर रोशनी की कमर सहलाने लगा वो कसमसाने लगी मैंने कहा रोशनी भैया की गोद मे मज़ा आता है ना…. वो बोली हां भैया मज़ा आ रहा है आपको अच्छा लग रहा है ?? मैंने कहा हां ठीक है पर तुम्हारी भाभी ऐसे pag नहीं बनाती है….. भाभी कैसे बनाती है रोशनी में पूछा, मैंने कहा वो पानी की बजाय अपने पेशाब से pag बनाती है….. हाय भाभी कितनी गंदी है आपको अपना पेशाब पिलाती है……. मैंने कहा पर मुझे वही पीने में ज्यादा मज़ा आता है….. रोशनी थोड़ी उलझन में आ गयी और मेरी गोद से उठ कर बाहर निकल गयी मैंने बचा हुआ pag पिया और गिलास रख दिया वो दो मिनट में आई और पानी का जग उठा कर बाथरूम में चली गयी और फिर वापस आ कर जग में भरा हुआ अपना मूत गिलास में डाल कर एक और pag बना कर मेरी गोद मे बैठ गयी और गिलास मेरे होठो से लगा कर बोली लो भैया अपना स्पेशल pag मैंने एक घूंट भरा….. फिर मैंने कहा तुम बाथरूम क्यों गयी थी वो बोली पेशाब करने….. मैंने हंस कर कहा पर रुचि तो यही करती है मेरे सामने वो थोड़ा शर्मा कर बोली भैया मैं आज ही आयी हूँ धीरे धीरे सब सीख जाऊंगी आप फिक्र ना करो……… मैंने एक घूंट और भरा और रोशनी की टी शर्ट के ऊपर से उसकी नन्ही चुचियों पर उंगली फिराने लगा रोशनी मस्ती में आने लगी….. उसके निप्पल तन कर खड़े हो गए और मैंने चुटकी में भर कर जोर से उसके निप्पल मसल दिए वो सिसक उठी और बोली धीरे भैया दर्द होता है….. मैंने कहा तेरी भाभी को तो दर्द में भी मज़ा आता है वो सिसकते हुए बोली हां भैय्या भाभी मुझे समझा रही थी पर मेरे ज्यादा पल्ले नहीं पड़ा मैंने कहा तुम आज रात भाभी को चुदते हुए देखना तो काफी कुछ समझ जाओगी की तुम्हे क्या करना है कैसे करना है…. वो बोली ठीक है भैया आप आज अपने कमरे का दरवाजा खुला रखना……. मैंने कहा रोशनी तुम भैया के लिए क्या कर सकती हो वो बोली भैया आप जो चाहो वो करूंगी आपके लिए मैंने कहा मम्मी की बुर दिलवाओगी भैया को बड़ी मस्त बुर होगी न मम्मी की झांट वाली फूली हुई बुर….. वो धीरे से बोली हाँ भैया एक दिन मैंने देखी थी मम्मी की रात में सोते हुए उनकी साड़ी उठ गई थी और वो टांगे फैला के सोई थी खूब झांटे हैं उनकी बुर में…. और फूली फूली मस्त बुर थी मम्मी की मैंने उसकी चूचियाँ मुट्ठी में भर कर मसलते हुए कहा मुझे मम्मी की बुर और गांड़ अपने हाथों से फैला कर चटवाओगी ना वो बोली हां भैया मम्मी की गांड़ चटवाऊंगी अपने हाथों से फैला कर….. मेरा लंड अब खड़ा हो कर रोशनी के चूतड़ों में झटके दे रहा था और वो अपनी गांड़ मेरे लंड पर जोर से दबा रही थी…….. मुझे दो pag का नशा हो रहा था…. मैंने वही से दीदी के फ़ोन पर कॉल की दीदी में कॉल रिसीव की मैंने कहा दीदी मम्मी क्या कर रही हैं दीदी बोली वो खाना बना रही है मैंने कहा और तुम क्या कर रही हो दीदी बोली मैं मम्मी को बता रही हूं कि उनके बेटे को चुदाई का कितना शौक है और ये सब सुन कर मम्मी की बुर में खुजली हो रही है….. मैंने कहा मम्मी से बोल दो कल तक अपनी चूत की खुजली दवा खा कर ठीक कर ले फिर बाकी खुजली मैं अपने लौड़े से मिटा दूंगा…. रुचि ने हंस कर कहा लो जो कहना है खुद ही कह दो और फ़ोन सीमा को पकड़ा दिया….. मैंने अपना फ़ोन स्पीकर पर डाला और कहां मम्मी अब खुजली कैसी है सीमा बोली बेटा खुजली तो बढ़ गयी है अब बस जल्दी से अपनी मम्मी को चोद कर मेरी खुजली मिटा दो मैंने कहा मम्मी चिंता ना करो दो दिन दवा खा लो फिर तुम्हे रण्डी जैसे चोद चोद के मस्त कर दूंगा तब तक तुम्हारी जवान लौंडिया को चोद के काम चलाता हूँ…. सीमा बोली ठीक है बेटा लेकिन अपनी बहन को प्यार से चोदना वो अभी छोटी है मैंने कहा देखने मे छोटी है बस मज़े से लंड खाती है इसे जरा समझा दो की अच्छे से चुदवाये रण्डी बन के….. सीमा बोली बेटा मैं कैसे कहूँ माँ हूँ उसकी मैंने कहा साली कुतिया मां तो तू मेरी भी है जब मुझसे चुदने को तैयार है तो अपनी बेटी से बात करने में क्या प्रॉब्लम है…. और रोशनी का निप्पल जोर से उमेठ दिया उसके मुह से चीख निकल गयी….. सीमा ने कहा बेटा रोशनी तुम्हारे पास है क्या….. मैंने कहा हाँ ये छिनाल मेरे लौड़े पर बैठ कर चूचियाँ दबवा रही है और तुम्हारी बातें भी सुन रही है….. सीमा चुप हो गयी….. मैंने रोशनी के कान में धीरे से कहा अपनी मम्मी से बातें करो गंदी गंदी…. रोशनी बोली मम्मी देखो ना भैया तुम्हारी बेटी की चूचियाँ दबा रहे हैं जोर से दर्द होता है मुझे….. सीमा बोली बेटी भैया को अच्छे से खुश करना उन्होंने हमारी खुशी के लिए बहोत कुछ किया है अब तेरी बारी है उनके लिए कुछ करने की रोशनी बोली माँ तुम चिंता ना करो मैं भैया का पूरा ख्याल रखूंगी और तुम भी जल्दी से अपनी चूत तैयार कर लो भैया का लंड खाने के लिए…… फिर मैंने फ़ोन काट दिया और रोशनी से कहा मेरा लंड चूस…. रोशनी उठी और मेरे पैरों के पास जमीन पर बैठ गयी मेरा अंडरवियर नीचे सरका कर उसने मेरा खड़ा लंड पकड़ लिया और अपने नरम हाथों से उसे सहलाते हुए झुक गयी लंड पर सब से पहले उसने सुपाड़े की स्किन को सरकाया और मोटा लाल सुपाड़ा देख कर उसे चूम लिया….. फिर जीभ निकाल कर सुपाड़े को लपर लपर चाटने लगी…… उसने दो मिनट तक लंड चाटा ही था कि तभी रुचि कमरे में आई और बोली वाह यहां तो प्रोग्राम शुरू है मैंने कहा रुचि तू भी आ ना इसे लंड चूसना सिखा दे तो दीदी भी आ कर रोशनी के पास ही बैठ गयी और मेरी टांगे ऊपर उठा कर बोली देख रोशनी मैं कैसे कर रही हूं दीदी में सब से पहले मेरी गांड़ के होल को नाक लगा कर सूंघा फिर जीभ निकाल के गांड़ को अच्छे से चाटने लगी रोशनी बड़े गौर से ये सब देख रही थी….. तभी दीदी ने उसका हाथ पकड़ कर उसे ऊपर सोफे पर मेरी बगल में बिठा दिया…… और उसे से मेरे निप्पल चाटने को कहा और वापस मेरी गांड़ के छेद में जीभ चुभाते हुए मेरा लंड मुट्ठी में कस कर सहलाने लगी उधर रोशनी ने मेरे सीने पर झुक कर एक निप्पल पर जीभ फिरनी शुरू कर दी….. aaaahhhh दो जवान लौंडियो के मुह की गरम हरकतों से मेरा लंड किसी लोहे की रॉड जैसा सख्त हो गया और मुझे बस लंड को किसी छेद में डालने का मन होने लगा मैंने कहा रुचि रांड अब मुझे चोदना है….. तो दीदी ने मुह हटा कर कहा किसे चोदना है मैंने कहा मुझे गांड़ चोदनी है दीदी ने फिर मजे लेते हुए कहा किसकी गांड़ चोदनी है मेरे राजा को अपनी रण्डी बीवी की य्या अपनी छिनाल बहन की मैंने कहा किसी की भी हो बस चोदनी है ये सुन कर दीदी उठ खड़ी हुई और अपना सलवार कुर्ता उतार कर फेंक दी और अपनी पैंटी सरका कर मेरी ओर घूम कर अपनी गांड़ हाथों से फैला कर मुझे दिखाने लगी मैंने रोशनी से कहा…. जाओ अपनी भाभी की गांड़ चाट कर गीली करो तो वो उठी और मेरे और रुचि के बीच घुस कर रुचि की गांड़ पर जीभ फिराने लगी मैंने आगे सरक कर दोनों हाथों से रुचि की गांड़ जोर लगा कर खोल दी रुचि की गांड़ के छेद हल्का सा खुल गया मैंने कहा रोशनी अंदर तक जीभ घुसा दे और रोशनी ने दीदी की खुली हुई गांड़ में अपनी जीभ पेल दी रोशनी की गरम गीली जीभ गांड़ में जाते ही दीदी गनगना गयी और अपनी गांड़ रोशनी के मुह पर दबाते हुए गांड़ चटवाने लगी ये सीन देख कर मेरा लंड और खतरनाक हो गया था।

थोड़ी देर तक रोशनी से अपनी गांड़ चटवाने के बाद दीदी मेरे पास आई और सोफे पर चढ़ कर मेरी कमर के दोनों ओर पैर रख के मेरा लंड पकड़ कर अपनी गांड़ में लगा लिया और ऊपर से कमर के दबाव देते हुए मेरा 8 इंच का कड़क गरम लंड गांड़ में ले कर जोर से उस पर कूदते हुए अपनी गांड़ चुदवाने लगी….. मैंने मुह के सामने उछल रही दीदी की मोटी चूचियाँ मुट्ठी में भर ली और चूचियाँ दबाते हुए दीदी की गांड़ की गर्मी अपने लंड पर महसूस करने लगा रोशनी बड़ी दिलचस्पी से देख रही थी मैंने उसे उंगली के इशारे से पास बुलाया वो आ करमेरी बगल में बैठ गयी….. मैंने उसे एक हाथ से अपने पास खींच कर उसके होठ मुह में ले कर चूसने शुरू कर दिए वो भी गर्म हो रही थी इस सब से वो भी आंखे मूंद कर मुझे किस करने लगी दीदी ने 7-8 मिनट मेरे लंड को अपनी कसी हुई गांड़ से चोदा फिर वो थक कर उतर गई और खड़ी हो कर बोली मेरे पैर दर्द करने लगे मैंने कहा चल फिर बिस्तर पर कुतिया बन जा मादरचोद…… दीदी गांड़ मटकाते हुए बिस्तर पर किनारे ही झुक कर कुतिया बन गयी और उनकी गांड़ खुल कर फिर से मेरे सामने थी मैंने रोशनी के सर पर हाथ फिराते हुए कहा रोशनी थोड़ा सा लंड चूस ना फिर तेरी भाभी की गांड़ मारनी ह वो दीदी की गांड़ से निकला हुआ लंड चूसने में झिझक रही थी लंड पर काफी सारा चिपचिपा रस लगा हुआ था मैंने कहा रुचि ये तेरी ननद तो किसी काम की नही दीदी ने मुड़ कर देखा और बोली रोशनी भैया का लंड चाट कर साफ कर दे ना रोशनी ने अब झुक कर लंड को देखा और जीभ की टिप धीरे से सुपाड़े पर फिराने लगी मैंने कहा रुचि तू ही कर इसके बस का नहीं है…. दीदी वापस आयी और रोशनी से बोली तुझे इतना समझाया पर सब बेकार चुदाई में कुछ भी गंदा नही होता मुझे देखना अभी और दीदी ने लंड पर झुकते हुए मुह खोल कर लगभग सारा लंड गले तक उतार लिया और सर को झटके दे दे कर उसे चूसने लगी फिर जीभ निकाल कर लंड की जड़ में लगा हुआ सारा रस चाट कर साफ कर दिया और वापस कुतिया बन के बोली अब आ ना बहनचोद पेल मेरी गांड़ में अपना लौड़ा मैं झट से उठा और दीदी के चूतड़ पर दो थप्पड़ तेजी से लगा कर झटके से लंड गांड़ में घुसा कर चोदने लगा दीदी एकदम से सिसक उठी….. और मज़े में आ कर अपनी गांड़ हिलाते हुए चुदवाने लगी….. तभी मेरी नजर दरवाज़े की ओर गयी माँ वहां चुपचाप खड़ी अंदर का नजारा देख रही थी और साड़ी के ऊपर से अपनी बुर दबा रही थी….. मैं और बेरहमी से लंड गांड़ में पेलते हुए बोला रण्डी दीदी तेरी ननद तो मेरे लंड को मज़े नहीं दे पा रही पता नही तेरी सास मुझे खुश कर पायेगी य्या नहीं दीदी गांड़ में लंड खाते हुए बोली राजा मम्मी तो पूरे मज़े देगी तुम्हे और ये रोशनी की बच्ची भी दो दिन बाद तेरा लंड सूंघती रहेगी बस अभी नया है ये सब इसके लिए थोड़ा झिझक रही है….. रोशनी मेरे पास आ कर साइड से मुझसे चिपक गयी और दीदी की गांड़ में घुसता हुआ मेरा लंड देख कर बोली भैया मैं सब सीख लुंगी आप को दोबारा ऐसा नही लगेगा कि मैं आपके लंड को मज़े नहीं दे सकती…… निकालिए अपना लंड भाभी की गांड़ से मैंने लंड निकाला और वो झुक कर जीभ फिरा कर मेरा लंड चाटने लगी फिर मुह में ले कर चूसने लगी हांलाकि अभी वो आधा लंड ही मुह में ले पा रही थी कुछ सेकेंड्स उसे लंड चुसवाने के बाद मैंने लौड़ा उसके मुह से निकाल कर उसके बाल पकड़े और उसका मुह दीदी के खुले हुए गांड़ के छेद पर लगा कर बोला अब भाभी की गांड़ में जीभ डाल कर चाट हरामजादी रोशनी ने एक बार जी भर के दीदी की गांड़ का खुला हुआ लाल लाल छेद देखा फिर जीभ निकाल कर उसे चाटने लगी और मैं ये सब देख कर खुश हो रहा था…. मैंने कहा रुचि बुरचोदी अब सीख रही है तेरी छिनाल ननद धीरे धीरे दीदी हंस कर बोली मैंने तो कहा था ना सीख जाएगी सब और फिर मैंने रोशनी को हटा कर दीदी की बुरमे लंड पेल दिया और हुमच हुमच कर चोदने लगा दीदी को उनकी बुर पानी छोड़ रही थी और वो एकदम झड़ने वाली थी मैंने रोशनी को फिर से बाल पकड़ कर झुका दिया और जैसे ही दीदी का बदन अकड़ना शुरू हुआ और उसने सिसियाते हुए अपनी बुर का रस मेरे लंड पर टपकाना शुरू किया मैंने झट से लंड निकाल कर रोशनी का मुह दीदी की चुदी हुई चूत पर दबा दिया दीदी बोली aaaahhhhh चूस ले रोशनी मेरी बुर का रस पी जा सारा तेरे भैया को बहोत पसन्द है मेरी बुर का पानी आज तू भी पी ले…. और एक एक बूंद रोशनी के मुह में टपका दिया….. रोशनी भी हिम्मत दिखाते हुए सारा जूस पी गयी मैं लंड हिलाते हुए खड़ा दोनों रंडियों की मस्ती देख कर मस्त हो रहा था….. फिर दीदी बिस्तर पर लेट कर गहरी सांस लेने लगी और बोली देखा रोशनी कितना दम है तेरे भैया के लौड़े में मेरी चूत और गांड़ बजा कर मुझे ठंडी कर दिया फिर भी अभी वैसे ही खड़ा है अब तुम्हे और मम्मी को मिल कर ही इसका ख्याल रखना होगा मेरे अकेले के बस का नही है….. रोशनी थोड़ा ललचाई नजरो से मेरे लंड को देख रही थी और बोली भाभी चिंता ना करो मुझस जो बन पड़ेगा मैं करूंगी भैया के लिए बस आप मुझे सिखाती रहना….. दीदी बोली अब तक तुझे फिर से भैया का लंड चूस कर साफ कर देना चाहिए था…. तभी माँ कमरे में घुसी और बोली रोशनी बेटी भैया का अच्छे से ख्याल रखा कर इतना मस्त लौड़ा मेरे सामने होता तो मैं तो उसे कही ना कही घुसाए ही रखती और झुक कर मेरा लंड पकड़ कर सुपाड़ा चूसने लग गयी रोशनी हैरानी से अपनी माँ को लंड चूसते हुए देख रही थी….. दीदी बोली देखा मैंने कहा था ना आपकी माँ एकदम मस्त रण्डी है वो आपके लंड का पूरा ख्याल रखेगी….. मैंने कहाँ हां सच कहा तुमने रुचि किस्मत वालों को ऐसे बीवी बहन और मा मिलती है…. तभी सीमा ने लंड चूसते हुए सर ऊपर उठाया और मेरी आँखों मे बड़े प्यार से देखते हुए लंड निकाल कर बोली बेटा विकास संजू मैं तो उसी दिन समझ गयी थी तू मुझे चोदना चाहता है जब तूने मेरे चूतड़ मसले थे….. पर मैं ये भी जान गई थी कि तुझे जल्दबाजी नहीं पसन्द है वरना चाहता तोB 500-1000 रुपये फेंक कर हम माँ बेटी दोनों को चोद लेता….. बाकी अब तू फिक्र ना कर इस घर मे तीन चुतें हैं और तू ही इन तीनो चुतों का इकलौता मालिक है… और हम सब तेरे लंड की गुलाम रंडिया हैं जिसे चाहे जैसे चाहे जब चाहे जितना चाहे चोदो……. मैंने मम्मी के सर पर हाथ फिराते हुए कहा मम्मी मुझे आपकी बुर पर खूब घनी घनी झांट देखनी है मुझे झांटो भरी बुर चाटने में बड़ा मजा आता है…… इस पर मम्मी मुस्कुरा कर बोली बेटा मैंने लगभग दो महीने से झांट नहीं बनाई है और मैं वादा करती हूं जब तक तुम नही कहोगे मैं अपनी झांट और बगल के बाल नही साफ करूंगी…. मैंने कहा रुचि और रोशनी तुम दोनों भी सुन लो ये बात वो दोनों सर हिलाते हुए बोली जी ठीक है…….
इस दौरान मम्मी मेरे गीले गीले सुपाड़े को मुट्ठी में भर कर हौले हौले मसल रही थीं उन्हें मुठ मारने का तरीका मालूम था….. मैंने कहा मम्मी मेरा इंतजाम तो हो गया पर मेरी इस रण्डी बीवी का भी कुछ सोचो…. मम्मी में इसका क्या सोचना है ये तेरा मूसल जैसा लंड काफी है ना हम तीनों के लिए…. मैंने कहा पर इसकी बड़ी ख्वाइस है दो लंडो से एक साथ चुदने की तो मम्मी कुछ सोच में पड़ गयी फिर बोली बेटा मेरा एक पुराना चाहने वाला है वो भी बहुत मस्त चोदू है पर वो थोड़ा गरीब है ऑटो चलाता है….. तो उसके पास मुझे चोदने के लिए पैसे नही होते थे इसलिए वो बस 3-4 बार ही आया मेरे पास….. मैंने कहा कौन है वो पूरी डिटेल बताओ……. दीदी और रोशनी सामने खड़ी हमारी बातें सुन रही थी मैंने कहा तुम दोनों खड़ी क्यों हो…. ये सुनते ही दीदी मेरे एक ओर आ कर बैठ गयी सोफे पर और मेरे सीने पर सर रख कर मेरे छाती सहलाने लगी रोशनी भी दूसरी ओर बैठ गयी और मेरे गाल चूमने लगी….. मम्मी ने सुपाड़े के छेद से बहे दो बूंद प्री कम को जीभ फिरा कर सुड़क लिया और बोली वो एक ऑटो ड्राइवर है 32-34 साल का होगा यही कमरा ले कर रहता है मैं एक दिन टैक्सी स्टैंड पर ग्राहक ढूंढ रही थी तो वो मिला उसके पास 200 ही थे और मैं 300 मांग रही थी फिर जब कोई नही मिला तो 200 में ही गयी उसके साथ….. उसका नाम राजेन्द्र है यूपी के किसी गांव का है इधर ऑटो चलाता है बीवी मर गयी है उसकी बस एक बेटी है 12 साल की उसी के साथ रहता इधर बीवी नही बेचारे की बहोत तरसता है चूत के लिए वो मेरे को चोदते टाइम बोल रहा था एकदम खुल के सब करने को….. मुझे वो अच्छा आदमी लगा उसकी मजबूरी भी समझी फिर उसने दो तीन बार पैसे दे कर ली मेरी पर हमेशा 200 ही देता था बाद में मुझे उसके साथ अच्छा लगने लगा तो कई बार बिना पैसे के भी दी उसे….. मैं लंड पर चल रहे हाथ के साथ मज़े लेते हुए सब सुन रहा था….. तभी रुचि में मेरा निप्पल पर जीभ फिरानी शुरू कर दी….. मैंने रोशनी से कहा रोशनी जरा गांड़ चाट ना मेरी रोशनी उठ कर अपनी माँ के पास बैठ गयी मैंने एक एक पैर रोशनी और माँ के कंधों पर रख कर अपनी गांड़ खोल दी और रोशनी झुक कर मेरी गांड़ के छेद को जीभ से टटोलने लगी मैंने कहा उसका लंड कैसा था और उसकी क्या चीज ऐसी लगी तुम्हे की तुम उस से फ्री में चुदवाने लगी मम्मी में लंड पर थूक कर अपने हाथ से थूक चुपडते हुए लंड को जोर जोर से मुठियाते हुए कहा उसका लंड करीब 8 इंच लंबा और आगे से पतला और पीछे से मोटा था और वो खूब देर तक चोदता था उसकी एक चुदाई में मैं तीन बार तक झड़ जाती थी और उसे चोदने से पहले देर तक मेरे बदन से खेलना बड़ा पसन्द था मैंने कहा उस से कैसे कांटेक्ट किया जा सकता है….. तो सीमा बोली उसका नम्बर है रोशनी के पास मैंने ले लिया था…. मैंने कहा ठीक है में उस से कांटेक्ट करता हूँ कल….. फिर मैंने सीमा का सर पकड़ कर लंड पर झुका दिया और मम्मी मेरा सुपाड़ा होठो में दबा कर चूसते हुए लंड को मुठियाने लगी….. मैंने रुचि के कान में धीरे से कहा दीदी तेरे लिए लंड का इंतजाम हो गया…. दीदी ने मेरा निप्पल दांतो से कुतरते हुए कहा जल्दी से ले आ उसे और डलवा दे अपनी दीदी की गांड़ में उसका खूंटा….. मैंने कहा बस दो तीन दिन में करता हूँ इंतजाम बुरचोदी और उधर मम्मी एक हाथ दे मेरे आंड़ सहलाते हुए सुपाड़ा चूस कर लंड जोर से मुठिया रही थी और मेरे जिस्म में बिजली सी कौंधने लगी और एकदम से रोशनी में जीभ की टिप मेरी गांड़ में चुभाइ और मेरे सुपाड़े से एक तेज धार गरम वीर्य की निकल कर मम्मी के गले मे टकराई मम्मी को वीर्य का स्वाद महसूस होते ही उसने सुपाड़े को निप्पल जैसे चूस चूस कर लंड से वीर्य खींच कर मुह में लेते हुए गुटकना शुरू कर दिया और चूस चूस कर सारा माल पी गयी….. बिना चोदे इस तरह झड़ने में मज़ा आ गया मुझे और मेरी आँखें बंद सी होने लगी…….

To be continued

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