पंजाब दियां रंगीन जट्टीयां – पार्ट – 7

हेल्लो दोसतो मे गौरव कुमार स्टोरी का अगला पार्ट लेके हाज़िर हू। पिछ्ले पार्ट मे आपने पढ़ा के केसे रितु और सरबी लाला की दुकान प्र जाती है और लाला रितु को अलग कमरे मे भेज देता है और खुद सरबी के पास जाता है और उसे नंगी कर उसके मम्मे और चुत चुअता है जिससे सरबी एक बार झड़ गयी है, तो चलिये स्टोरी आगे बढ़ाते है।

सरबी बिस्तर पर लेती हुई थी और उसकी चुत पानी छोड चुकी रही। लाला सरबी को देख धोती के उपर से अपना लण्ड मसले जा रहा, जिस जट्टी को पाने के वह रोज सपने देख्ता था अज वह उसके बिस्तर पर नंगी लेती हुई थी। लाला ने सरबी का हाथ पकडा ओर अपने लण्ड पर रख दिया, “इसे सहलाओ जट्टी”। सरबी ने लण्ड को हाथ मे पकडा और सहलाने लगी। लाला सरबी के मुम्मे दबा रहा था। लाला ने सरबी उठकर बिस्तर से निचे आने को बोला, और उसके साम्ने खडा हो गया।
“इसे धोती से बाहर निकालो मेरि जान” लाला सरबी को बोला। सरबी लण्ड को धोती मे देख रही थी और लाला का लंद उसकी उम्मीद से भी बड़ा था। सरबी ने लाला की धोती निकाली, धोती खोलते ही लण्ड सरबी के सामने था और बिल्कुल तना हुआ खडा था। सरबी ने हाथ मे पकड कर लण्ड सहलाना शुरु किया, सरबी के हाथ मे आज पहली बार किसी मर्द का लण्ड आया था वो उसे देखे जा रही थी। लाला ने लण्ड को पकड टोपा सरबी के होंठो पर मसल दिया जिससे सरबी की लिपस्टिक टोपे पर लग गयी। लाला ने सरबी को लंड चुस्ने को कहा तो सरबी ने भी बिना हिचकिचाये लण्ड को अपने मुह मे ले लिया और चुस्ने लगी, सरबी पहली बार लण्ड चुस रही थी उसे लण्ड का स्वाद अच्छा लग रहा था और वह लण्ड को जित्ना हो सक्ता मुह मे लेती और चुस्ती। 20-25मिंट लण्ड चुस्वने के बाद लाला ना सरबी को पकड कर खडी किया, “अब इसकी बरी है जट्टी, तैयार है ना ये” लाला सरबी की चुत छूकर बोला।
“हा लाला जी तैयार है”सरबी ने भी आगे से जवाब दिया। लाला ने सरबी को बिस्तर पर लेटा दिया और उसकी टाँगे फैला बीच मे आ गया। सरबी बिस्त्र पर लेटीथी ओर लाला अपना मिसल जेसा लंड लेकर उसकी टांगो के बीच खडा था, लाला के लण्ड का टोपा सरबी की चुत पर था। लाला ने एक हाथ से सरबी की जाँघ को पकडा और दुसरे हाथ से लण्ड को चुत के उपर मसलने लगा। सरबी अब लण्ड लेने के लिये तडप रही थी, और लाला लण्ड को बाहर मसले जा रहा था। “आह्ह हाये लाला जी डाल दो अब” सरबी तडपती हुई बोली। “कया डालू जट्टी, ये भी तो बता” लाला बोला। “चुत मे डालो लाला जी” सरबी ने लाला को कहा लेकिन लाला लण्ड को चुत पर मसल रहा था, “पुरा बोल जट्टी, किसका कया और किसके कहा डालू” लाना सरबी को देखते हुए बोला।
सरबी लण्ड लेने के लिये तडप रही थी और बेशर्मी से बोली, “हाये लाला, अपना लंड डालो जट्टी की चुत मे”।
लाला भी सरबी से यही सुनना चाहता था और उसने चुत को खोला और लंड को सेट करते हुए हल्का सा धक्का मारा जिससे टोपा चुत मे उतर गया। “आअह्ह्ह “सरबी की हल्की सी सिसकी निक्ली। लाला ने सरबी की जांघो को हाथो मे पकड सेट होकर खड़ गया और एक जोर का धक्का मारा जिस से लंड सरबी की चुत को चीरता हुआ आधा घुस गया, “हाये लाला आअह्ह्ह्ह “सरबी की सिसकी निकल गयी। लाला ने देर ना करते हुए एक धक्का और मारा और पुरा लंड सरबी की चुत की गहरायी मे डाल दिया, लंड के निचे लटके टट्टे सरबी के चूत्ड़ौ से टकर गये। “हाये मा आह्ह्ह्ह मार दिया लाले ने उउउफ्फ्फ्फ्फ लाला” लंड पुरा चुत मे जाते ही सरबी की चीख निकल गयी जो उस कमरे मे ही गूंज कर रह गयी। पहली बार किसी मर्द का लंड सरबी की चुत मे इतनी गहरायी मे गया था, सरबी को दर्द भी हो रहा था लेकिन वह खुश थी क्योके शादी के बाद जिस दर्द के लिये वह 2साल से तडप रही वह दर्द अज लाला के लंड ने जट्टी को दिया था, लाला के लंड ने आज सरबी को पहली बार उसकी जवानी का अह्सास कराया। लाला ने जब चुत को देखा तो उसमे से थोडा सा खुन बाहर आया हुआ था, “अरे ये क्या सरबी जट्टी तुमरी चुत से तो खुन निकल रहा है, कुंवारी हो कया अब तक” लाला ने सरबी के चूतड़ सहलाए हुए पुछा। “आह्ह्ह्हहा हाये हा लाला जी स्स्स्स्स्सीईई अज पहली बार आपका लंड गया है इस मे उउउह्ह्ह्ह ” सरबी सिसकिया लेते हुए बोली। लाला समझ गया के सुखा नामर्द है और लाला मन ही मन मे खुश हो रहा था क्योके आज उसके लंड ने एक शादीशुदा कुंवारी जट्टी की सील तोड दी थी। लाला ने लंड को हल्के हल्के धक्के मारते हुए सरबी की चुत मे आगे पीछे कर्ने लगा, सरबी भी “आअह्ब्ब्ब स्स्सीई लाला जी”सिसकिया लेती हुई लंड का स्वाद लेने लगी। धीरे धीरे लाला ने स्पीड बढा दी और तेज तेज चोदने लगा। लाला के धक्को से सरबी के मुम्मे उछल रहे थेओर सरबी भी “आअऊच्छ लाला जी हये चोदो लाला जी” सियकिया लेते हुए चुदवा रही थी। सरबी की सिसकिया लाले के जोश को और बढा देती, वह और तेजी से लंड अन्दर बाहर करता। लंड के धक्को से पूरे कमरे मे छप छप की अवाज गूंज रही थी, और जेसे जेसे लाला धक्के मारता तो सरबी की पायल भी शोर मचा देती, एसा लगता मानो वह कह रही हो के जट्टी लाले से चुद गयी।
लाला तेज तेज धक्के मारे जा रहा था और सरबी भी बेशर्म होकर अब लाला का लंड ले रही थी। “केसा लग रहा है मेरि जट्टी, मजा तो आ रहा है जट्टी को लाले के लंड से”लाला धक्के मारते हुए सरबी से पुछा। “आअह्ह्ह्ह मा हायेई ईईस्स्स्स्सीई लाला जी बहुत मजा आ रहा है इस लंड से मुझे उउउउफ्फ्फ्फ्फ”सरबी ने भी बेशर्म होकर जवाब दिया। करीब पौना घन्टा चुदाई के बैड अब सरबी का जिस्म फर से अकड रहा था तो लाला भी अब मंजिल के करीब था, लाला ने सरबी को पकड कस कर 3-4धक्के मारे और लंड को सरबी की चुत मे पूरा उतार रुक ज्ञ। सरबी की चुत भी पानी छोड़ रही थी और लाला की लंड भी सरबी की चुत के अन्दर गहराई मे अपने माल की पिचकारीया मार रहा था। सरबी के चेहरे पर एक खुशी थी, जो लाला की मर्दानगी की वजह से आयी थी। लाला ने सरबी की बाजू को पकडा और उसे बेठ्ने को कहा। सरबी बेठ गयी, लाला का लंड अब भी चुत के अन्दर ही था। लाला सरबी की आंखो मे देख रहा था। लाला के हाथ सरबी की कमर से होए हुए उसकी पीठ पर थे, “केसा लगा जान लाला का लंड” लाला ने सरबी को देखते हुए पूछा। “मजा आ गया लाला जी, आपके इस लंड ने मेरे सारे अरमान पूरे कर दिये” सरबी ने लाला को देख जवाब दिया। लाला ने सरबी का जवाब सुन उसके होंठ चूम लिये। “अभी तो पूरी रात पडी है जान, बस देखती जा केसे लाला जट्टी के अरमान पूरे करता है” लाला बोला और उसने सरबी का मम्मा मुंह मे डाल चुस्ने लगा, आह्ह्ह्ह्ह सरबी की सिसकी निकली ओर उसके हाथ लाला के सर को सहलाने लगे। लाला ने लंड चुत मे से निकाला सरबी की तरफ देखा “चल अब इस लाला की घोड़ी बनजा जान”। सरबी की शरम अब पूरी तरह से उतर चुकी थी और वह लाला के कहे अनुसार घोड़ी बन गयी। लाला सरबी के चूतड़ देख कर लंड मसल रहा था उसे यक़ीं नही हो रहा था के कभी जिस जट्टी के चूतड़ देख वह उसे घोड़ी बनाने के सपने लेता था वह आज उसके सामने नंगी खडी थी। लाला लंड को मस्लता हुआ सरबी पास आया और उसके चूतड़ मस्ल्ने लगा। “उउफ्फ सरबी जान, कितने मुलायम चूतड़ है तेरे, कहा छुपा के रखे थे ये लाला से” लाला चूतड़ मसल कर बोला। “हाये लाला जी, धीरे मसलो बहुत नरम है ये” सरबी बोली। लाला ने जोर से चूतड़ मसल दिये, “तो इत्ने नरम किसके लिये किये है जान”लाला चूतड़ो को चूम्ते हुए बोला। “स्सिसीई अपने लाला के लिये”सरबी सिस्की लेती हुई बोली। लाला का लंड अब तन चुका था, लाला ने अपने लंड को चुत पर मस्ल्ते हुए सेट कर्ने लगा। “तैयार हो मेरि घोड़ी इस घोड़े से चुद्ने के लिये” लाला ने लंड मसले हुए पुछा। “हा लाला जी आपकी घोड़ी तैयार है” सरबी ने जवाब दिया और आपमे चूतड़ो को लाला के लंड पर दबा दिया। लाला ने बिना देर किये लंड को चुत पर सटाया और सरबी की कमर को पकड पूरे जोर से धक्का दे मारा। लाला ने एक ही धक्के से इस बार अपना पूरा लंड सरबी को चुत मे उतर दिया, “आअह्ह्भ लाला जी स्स्सिसिस्स्सी” सरबी सिसकी लेती हुई कस्मसाई और लाला के लंड को अपनी चुत मे पूरा समा लिया। लाला ने अब सरबी की कमर पकड धक्के मारने शुरु किये, लाला जब धक्के मारते हुए सरबी ले चूत्ड़ौ से टकराता तो कमरे मे छपछप की अवाज गूंजने लगी। लाला ने अब स्पीड बढा और तेज धक्को के साथ सरबी की चुत चोदने लगा। सरबी भी अपने चूतड़ आगे पीछे कर लाला के लंड मा मजा ले रही थी। “आअह्ह्ह्ह लाला जी चोद दो अपनी जट्टी को आज आह्ह्ह उउउफ्फ्फ लाला जी”सरबी सिसकिया लेते हुए लाला से घोड़ी बनकर चुदवा रही थी। लाला के धक्को से सरबी के मम्मे उछल रहे थे, “आअह्भ मेरि जान सरबी उउउफ्फ्फ जट्टी अज से तू लाला की जान है”लाला सरबी चोदते हुए बोला। लाला धक्के पर धक्के मारे जा रहा था और सरबी “आह्ह्ह्ह हाये लाला जी ममममममं आह्ह उउफ्फ्फ्फ” सिसकिया लेती हुई चुदवा रही थी। इसी तरह चुदायी करते हुए एक घन्टा बीत चुका था, लाला ने अब लंड बाहर निकाला ओर सरबी को बिस्तर पर लेटने को कहा। सरबी बिस्तर टाँगे फैला कर लेट गयी, और लाला सरबी के उपर आ गया। लाला ने हाथ से लंड का टोपा सरबी की चुत पर सेट किया और सरबी की आंखो मे देखते हुए लंड को सरबी की चुत मे धकेल दिया। “आअह्ह्ह्ह लाला जी स्स्स्स्सीईईई “सरबी की सिसकी निकली और लाला का लंड पुरा चुत मे उतर गया। लाला ने अब हल्के हल्के धक्के मारने शुरु किये। सरबी मे हाथ लाला की पीठ को सहला रहे थे और लाला का सरबी की चुत खोल रहा था। लाला चुत मे धक्के मार रहा था और साथ ही सरबी के होंठ चूमने लगा, उउउम्म्म्माआआ सरबी जान, सरबी भी लाला मे होंठ चूमती निचे से अपने चूतड़ उठा उठा कर लाला के लंड का मजा लेने लगी। लाला तेज तेज धक्के मार रहा था, जब भी कभी लाला रुक कर अपना पूरा लंड बाहर निकाल जोर से धक्का मारता तो सरबी की टाँगे हवा मे उछल जाती और सिस्सक कर रह जाती। “आअह्ह्ह्ह्ह लाला जी हाये चोदो मुझे”सरबी लाला की आंखो मे देख रही थी, सरबी की बात सुन्ते ही लाला ने जोर से धक्का मारा जिस से सरबी का पुरा जिस्म् हिल गया। सरबी लाला मे निचे लंड के धक्को से उछल रही थी उसकी चूडिया खन खन की आवाजे निकाल रही थी तो पायल छण छण की। लाला के धक्को से पलंग भी हिल्ने लगा था। सरबी अब तक दो बार झड़ चुकी थी और फिरसे उसका जिसम अकड रहा था और लाला भी अब करीब था। लाला ने अब धक्को की स्पीड और बढा दी, आअह्ह्ह्ह स्स्स्सीईई लाला जी सरबी सिसकिया ले रही थी। करीब 10मिंट बाद सरबी की चुत पानी छोड़ने लगी। लाला ने भी एक जोर का धक्का मारा और सरबी के उपर लेट गया। लाला का लंड भी जट्टी की चुत मे पिचकारीया मार रहा था। सरबी ने लाला को अपनी बाहो मे जकड़ लिया और दोनो एक दुसरे लिपट गये। कुच टाईम बाद लाला सरबी की गालों को चूम्ते हुए उपर उठा और सरबी की आंखो मे देख पुछा, “केसा लगा जट्टी को लाला की दुल्हन बनकर”। सरबी ने अपने हाथो से लाला के चेहरे को सहलाते हुए कहा, “मजा आया लाला जी, आपने तो आज जट्टी को खुश कर दिया”। लाला ने सरबी के होंठो को चूम लिया, “जान अब तो एसे ही खुश रखुगा तुझे मे”लाला सरबी के होंठ चुस्ने लगा। सरबी भी लाला के सर को सहलाते हुए लाला के होंठ चुम रही थी। दोनो एक दुसरे के होन्ठ चूम रहे थे के दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी। लाला दरवाजे की तरफ देखकर सरबी को बोला, “मे देखकर आता ही जान”। सरबी ने हा मे सर हिलाया और लाला ने अपना लंड चुत मे से निकाला जो अब तक सरबी की चुत मे था, लाला ने धोती बंधी और जाकर दरवाजा खोला तो रितु सामने खडी थी। “कया हुआ रितु क्यो आधी रात को ही दरवाजा तोड रही हो”लाला बोला। “लाला जी आधीरात कहा, सुबह के 5बजने वाले है” रितु बोली। “कया”लाला ने हैरां होकर रितु को देखा और फिर कमरे मे लगी घड़ी को देखा तो 5ब्ज्ने मे 10मिंट रह्ते थे। लाला और सरबी चुदायी मे इतना खो ग्ये थे के उन्हे टाईम का पाता ही नही चला। “चल तू जा कमरे मे मैं भेजता हू सरबी को”लाला रितु को बोला। “जल्दी भेजिए लाला जी”रितु मुस्कुराती हुई चली ज्ञी। लाला ने दरवाजा लगाया और सरबी साथ आकर लेट गया। सरबी ने अपना सर लाला की छाती पर रखा, “रितु थी लाला जी” सरबी ने पुछा। “हा जान”लाला बोला।
“कया कह रही थी”सरबी ने पुछा। “टाईम बताने आयी थी, 5बजने वाले है जान” लाला बोला। सरबी चौंक कर उठी “5ब्ज्ने वाले है लाला जी”। लाला ने सरबी को पकड लेटाया और उपर आ गया “हा जट्टी क्यो कया हुआ” लाला बोला। “लाला जी जाना है हमे फिर, इस से पहले के कोई हमे इधर से जाता देख ले”। सरबी बोली। “फिर कब आओगी जान” लाला ने पुछा।
“जब आप बुलाओ, लेकिन अभी जाने दिजीये” सरबी बोली। “ठीक है जान” कहते हुए लाला ने सरबी को छोड़, सरबी ने अपने सारे कपडे पहने और जाने लगी तो लाला ने सरबी को पकड लिया “एक चुम्मी तो देती जा जट्टी”। सरबी भी लाला से लिपट गयी और उसके होंठो पर होंठ रख दिये उउउम्माआ,,, अच्छा लाला जी चलती हू। सरबी लाला की किस्स कर कमरे से बाहर निकल गयी, रितु भी बाहर बेठी थी। रितु सरबी को देख आंख मार कर मुस्कराई और फिर दोनो लाला की दुकान से घर को चल दी।

More from Hindi Sex Stories

  • बरसों का इंतेज़ार हुआ ख़त्म, चुदाई हुई।
  • दीदी की ब्लू फिल्म की तैयारी
  • नेहा का परिवार , लेखिका: सीमा part 2
  • Mujhe Ek Ajnabi mard ne zabardasti hostel me choda – Part 1
  • मेरे टीचर ने की मेरी पहली चुदाई – 3

Comments