प्रीती की चूत

हेलो दोस्तो मे अस्लमखान आज आपके लिये अपने सकूल टाईम की दोस्त प्रीती की कहानी लेके आया हू।
मे और प्रीती पांचवी क्लास से दोस्त थे लेकिन तब तक मेरे मनमे उसके लिये कभी भी कोई गलत विचार नही आया था। लेकिन 10वी क्लास तक आते आते उसका जिस्म उबरने लगा था जिसे मे बहुत करीब से देख रहा था। मुजे पता ही नही चला के कब मेने अपनी बेस्ट फ्रेंड के खयालातों मे मुठ मारनी शुरु करदी थी।
बात 10वी क्लास की है जब हम स्टूडेंट्स को एक पार्टी दी जा रही थी, उसमे प्रीती ने टॉप ओर मिनी स्कर्ट पहना था जिसे देख मे बावला हो गया था। मेने ठान लिया के आज कुछ भी हो जए लेकिन प्रीती को अप्ने दिल की बात बतानी है। पार्टी शुरु हुई तो सब गानो की धुनो पर नाच्ने लगे। मे प्रीती के साथ नाच रहा था तब मेने उसे कान मे कहा के मुझे तुम्से कुछ कहना है। प्रीती ने कहा के बोलो तो मेने कहा के य्हा शोर बहुत कही और चल्ते है, वो मान गयी ओर हम स्कूल से निकल गये। मे प्रीती को स्कूल से थोडी दूर एक खंडर मे ले आया। “बोलो अस्लम कया कह्ना था तुमे”। प्रीती ने कहा। मे थोडा ड़र रहा था के प्ता नही प्रीती क्या जवाब देगी लेकिन मेने हिम्मत जुटाके बोल दिया “प्रीती मे तुमसे प्यार कर्ता हू”। “क्या” प्रीती चौंक कर बोली।
“हा प्रीती सच मे, पिछ्ले दो सालो से मे तुमे प्यार करता हू लेकिन कभी कहने की हिम्मत नही कर पाया”। मैने जवाब दिया। “पागल कित्ना टाईम लगा दिया तुने कह्ने मे” प्रीती ने बोला। मे प्रीती का जवाब सुनकर हैरां था”मतलब तुम भी मुझ्से प्यार करतीहो”। “हा बेवकूफ” प्रीत्य हस्ती हुई बोली। मेने प्रीती का जवाब सुन उसके होन्ठ चुस्ने लगा, और उसके मुम्मे दबाने शुरु कर दिये। प्रीती भी मेर साथ देने लगी, मे उसके होंठ गालोंको चूमे जा रहा था, और वो भी मुज्से लिपट रही थी। थोडी ड़र होंठ चुस्ने के बद ममैने उसका टॉप उतरना चाहा, “नही अस्लम य्हा कोई देख लेगा”प्रीती बोली। मे प्रीती का ड़र समझ गया ओर उसे खंडर के और बीच एक कमरे मे ले गया जिसकी छत गिर चुकी थी। “यहा कोई नही देखेगा”कह्ते हुए मेने प्रीती का टॉप और बृ उतर दी, उउफ्फ्फ अल्लाह उसके गोरे सतन मेरे नज़रो के सम्ने थे, मेने बिना कोई पल गवाये उसके सतनो को चूसना शुरु कर दिया। प्रीती मेरा सर सहला रही थी और स्स्स्स्स्स आअह्ह्ह्ह सिसकिया ले रही थी। मेने निचे थोडी सी जगह साफ की ओर प्रीती को लेटा दिया, अपनी शर्ट उतर मे उसके उपर आ मुम्मे चुस्ने लगा और स्कर्ट मे हाथ डाल पेंटी के उपर से छत सहलाने लगा। कुछ देर मुम्मे चुस्ने के बाद मेने उसकी स्कर्ट उतार दी और पेंटी को उतारने लगा तो उसकी क्लीन गुलाबी छत देख मेरे मुह मे पानी आ गया। मेने भी खडा होकर अपनी पेंट और अंडरवेअर उतार दिया ओर प्रीती को लण्ड चुस्ने को बोला तो उस्ने उठ कर हल्के से अपने होंठ मेरे लण्ड पर रख दिये। उउउफ्फ्फ्फ क्या मजा अया उस्के होंठो से,, लण्ड ओर भी स्खत हो गया। प्रीती ने थोडी देर लण्ड चूसा और फिर बोली के अब जल्दी करो कही हम लेट ना हो जए। मेने प्रीती की बात सुन कर उसे लेटा दिया और खुद उसकी टाँगे खोल कर छत पे अप्ना लण्ड सेट करने लगा, मेने लण्ड को उसकी गुलाबी चुत पर सेट कर जब धक्का लगया तो आधा लण्ड अन्दर चला गया ओर प्रीती दर्द से तड़पने लगी।
स्स्स्स्श्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह अस्लम धीरे मुझे दर्द हो रहा है कहती हुई प्रीती तड़पने लगी। मेने बिना वक़्त गवाये एक और धक्का दे मारा और लण्ड पुरा अन्दर चला गया। आअऊओच्च्छ्ह अहह्ह्ह्ह्ह पागल धीरे करो स्स्स्स्सी प्रीती चिलाई। मेने भी अब हल्के हल्के धक्के मारने शुरुकर दिये। धीरे धीरे प्रीती को भी मजा आने लगा और वो भी नीचे से चुतड़ उठा उथा कर मेरा लण्ड लेने लगी। मेने भी अब धक्को की स्पीड बढा दीऔर तेज तेज करने लगा। एक घन्टे बाद मे झड्ने वाला तो जल्दी से लण्ड बाहर निकाला और प्रीती की चुत को लण्ड के पानी से नहला दिया। मे प्रीती के होंठ चुस्ने लगा और वो भी मेर जिस्म सहला कर मुझे प्यार जताने लगी। कुछ देर बद हम उठे और खुद को साफ कर कपडे पहन वापिस स्कूल चले गये। जब हम स्कूल पहन्चे तो अभी भी पार्टी चल रही थी। उस्के बाद भी मेने और प्रीती ने कयी बार सेक्स के मजे लिये।
तो दोस्तो आपकी मेरि कहानी केसी लगी, कमेंट्स मे जरूर बताईयेगा। अग्ली बार एक कहानी लेकर आपके सामने हाज़िर रहुगा। अल्लाह हाफिज़।
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