माय फक डायरी – 3

सुबह जब मैं उठा तो शिल्पी नहीं थी.. वो मॉर्निंग में जॉगिंग करने जाती है.. इसीलिए मैं फिर सो गया.. थोड़ी देर बाद शिल्पी आयी और मुझे उठाने लगी..
शिल्पी: भैया उठो.. बहुत देर हो गयी..
शिल्पी ने जॉगिंग ऑउटफिट पहने हुए थे.. उसका पूरा बदन पसीने से भींग चूका था.. 38-30-40 का उसका भरा हुआ बदन ऑउटफिट में और भी सेक्सी लग रहा था.. जब वो मुझे उठा रही थी तब टीशर्ट के अंदर से उसकी मोटी मोटी चूचियां मुझे दिख रही थी..
मैं: अरे यार कल रात तुमने बहुत थका दिया मुझे और सोने दो
शिल्पी: ठीक है भैया आप थोड़ी देर और सो लो, तब तक मैं थोड़ी स्ट्रेचेस मार लेती हूँ
शिल्पी अपने बॉडी को स्ट्रेच करने लगी.. उसने छोटी सी रनिंग वाली शॉट्स पहनी थी.. स्ट्रेच करते समय उसकी भारी गांड मेरी आँखों के सामने थी.. कसम से बहुत ही मांसल और भरी हुई गांड थी साली की.. पसीने से भींगे होने की वजह से शॉट्स उसके चुत्तड़ो में चिपक गयी थी… मेरा सोया हुआ लंड अब धीरे धीरे तनने लगा.. शिल्पी अलग अलग स्टाइल से स्ट्रेच कर रही थी… उसकी बाहर निकली हुई बड़ी सी गांड को देख कर मेरा मन शिल्पी की गांड मारने का होने लगा..
थोड़ी देर बाद शिल्पी ने अपना एक्सरसाइज बंद की और बेड पर कूद कर आ गयी… वो मेरे ऊपर चढ़ गयी और मुझे उठाने लगी..
शिल्पी: भैया उठो ना बहुत देर हो गयी.. मुझे पता है आप जाग रहे हो.
मैं: अरे यार थोड़ा और सोने दो ना..
शिल्पी की टीशर्ट से उसकी चूचियां मुझे दिख रही थी.. शिल्पी ने मुझे उठाने के लिए कम्बल फेंक दिया.. उसकी नजर लोअर में बने तम्बू पर चली गयी..
शिल्पी: ओह्ह्ह्ह कोई तो आपसे पहले ही जाग गया है..
शिल्पी ने मेरे लोअर उतार दी और मेरा लंड सक करने लगी.. अह्ह्ह्हह साली रंडी भाई बोल कर सीधा लंड चुसती है..
भैया बहुत ही प्यारा और मोटा लौड़ा है आपका.. देखते ही चूसने का मन करता है….
ओह्ह्ह्ह शिल्पी और चूस साली..
मेरा 8″ का लौड़ा पूरा सख्त हो गया था.. मैंने शिल्पी को अपने ओर खींचा और किश करने लगा.. शिल्पी का बदन मेरे ऊपर था.. मैं किश करते हुए शिल्पी की भरी गांड को दबा रहा था.. अह्ह्ह्ह भैया.. मैंने उसकी शॉट्स के अंदर हाथ दाल दिया और उसके चुत्तड़ो को सहलाने लगा.. मैं दोनों हाथो से उसके चुत्तड़ो को खूब दबा रहा था… शिल्पी जोर जोर से मॉनिंग कर रही थी.. अह्ह्ह्ह उउउउउ भैया.. फिर मैंने शिल्पी को अपने साइड में ले लिया और अपनी बाहो में जकड लिया.. मेरा लौड़ा शिल्पी की चुत्तड़ो का मजा ले रहा था और मैं उसकी चूचियां दबा रहा था…
ओह्ह्ह्हह भैया सुबह सुबह ही अपनी बहन को चोदना है लगता है आपको
साली पहले लौड़ा किसने चूसा.. अब तो तेरी ठुकाई जरूर होगी
उउउउउ आईईईई भैया मैं भी तो यही चाहती हूँ..
मैं शिल्पी की बड़ी बड़ी चूचियों को जोर जोर से दबा रहा था.. फिर मैंने उसकी टीशर्ट उतार दी और उसकी नंगी चूचियों से खेलने लगा.. शिल्पी की मॉनिंग बहुत तेज हो गयी थी.. अह्ह्ह्ह उउउउउउ ओह्ह्ह्ह भैया
मैंने शिल्पी को पीछे पलट दिया और बेड के साइड में उसकी मोटी गांड को रख दिया.. और मैं खुद बेड के निचे आ गया.. मैंने शिल्पी की शॉट्स खींच कर निकाल दी… शिल्पी की गोरी चौड़ी गांड अब मेरे आँखों के सामने थी.. उसकी 40 की मोटी भारी चुत्तड़ देख कर मेरा मन ललचा रहा था, मैं जोर जोर से उसकी गांड पर थप्पड़ लगा रहा था….
शिल्पी: अह्ह्ह्हह उउउउउउ भैया इतना क्यों मार रहे हो.. मेरी गांड लाल कर दी आपने.. सुबह से आपकी नजर मेरी गांड पर ही है.. मुझे आपके इरादे ठीक नहीं लग रहे है
मैं: शिल्पी मेरी जान मैं तेरी गांड मारने वाला हूँ
शिल्पी: क्या… नहीं भैया आपका बहुत मोटा है… मैं नहीं ले पाऊँगी
मैं: साली रंडी इतनी बड़ी गांड मारने के लिए ही होती है.. अब चुप चाप देख कैसे तेरी गांड फाड़ता हूँ मैं
मैंने पर्स से एक कंडोम निकला और अपने लंड पर चढ़ा लिया.. फिर मैं शिल्पी की चुत्तड़ो को फैलाया और लंड को उसकी गांड की छेद पर रखा..
मैं: शिल्पी रेडी हो जाओ गांड चुदवाने के लिए..
शिल्पी: भैया थोड़ा धीरे धीरे करना..
मैं: शिल्पी तुम टेंशन ना लो मैं धीरे धीरे मारूंगा… देख मैंने कंडोम भी पहना है.. जिससे लंड आसानी से तेरी गांड मार सकता है..
मैंने शिल्पी के नंगे बदन को चूमा और उसकी कमर को पकड़ कर एक जोर का धक्का मारा.. लंड का सुपाड़ा शिल्पी की गांड फाड़ता हुआ अंदर चला गया.. शिल्पी बहुत जोर से चीखी… उईईईईई माँ… मार डाला भैया आपने..
मैं शिल्पी की बदन को किश करके उसे शांत कर रहा था.. थोड़ी देर बाद मैंने लंड बाहर खींचा और फिर से पेल दिया.. लंड अब आधा शिल्पी की गांड में घुस चूका था.. शिल्पी बहुत जोर जोर से चिल्ला रही थी.. दोनों हाथो से उसने बेडशीट को भींच रखा था.. मैं धीरे धीरे अपना लंड अंदर बाहर करने लगा.. कंडोम की वजह से काम थोड़ा आसान हो गया था.. अब बारी थी पूरा लंड पेलने की.. इस धक्के से शिल्पी की आँखों से ांसो निकलने लगे…
शिल्पी: अह्हह्ह्ह्ह भैया प्लीज छोड़ दो.. बहुत दर्द हो रहा है
मैं: ओह्ह्ह्ह शिल्पी जानेमन.. अब सिर्फ माजा आएगा.. मेरा पूरा लंड तेरी गांड में घुस चूका है..
मैं धीरे धीरे शिल्पी की गांड चोदने लगा.. इतनी बड़ी गांड को मारने में मुझे बहुत मजा आ रहा था.. मैं घुटने के बल निचे बैठ कर शिल्पी को चोद रहा था.. और शिल्पी का नंगा आधा बदन बिस्तर पर था और आधा बेड के किनारे
थोड़ी देर में लंड आसानी से शिल्पी की गांड में अंदर बाहर हो रहा था.. मैं शिल्पी के बदन के ऊपर पूरा चढ़ कर उसे चोद रहा था..
मैं: शिल्पी अब ठीक लग रहा है
शिल्पी: हाँ भैया अब दर्द थोड़ा कम हो गया है
मैं अब तेजी से शिल्पी की गांड मारने लगा.. शिल्पी की आहे भी अब कमरे में गूंज रही थी.. अह्ह्ह्हह उउउउउउ आईईईई
मैंने शिल्पी को बिस्तर से उठाया और पास की दिवार के पास ले गया.. शिल्पी ने अपने दोनों हाथो से दिवार का सहारा लिया.. और मैं पीछे से उसकी मारने लगा.. उसकी चौड़ी गांड को पकड़ कर चोदने का अलग ही मजा था…. हर धक्के से उसके बड़े बड़े दूध हवा में उछल रहे थे.. मैंने उसकी चूचियों को अपने दोनों हाथो में थम लिया और उसे दबाने लगा..
शिल्पी: अह्हह्ह्ह्ह भैया.. अब अच्छा लग रहा है.. और मारो जोर से
मैं: ओह्ह्ह्हह शिल्पी बहुत बड़ी गांड है साली तेरी.. बहुत मजा आ रहा है तेरी गांड मारने में
शिल्पी: उउउउउ आईईईई भैया.. कोई अपनी बहन के साथ ऐसा करता है क्या कल आपने मेरी चुत फाड़ी और आज गांड
मैं: उफ्फ्फ्फ़ साली बहुत बड़ी रंडी है तू.. अपने बड़े बड़े दूध और भारी गांड दिखा कर खुद चुदवायी है.. और अभी बहुत शरीफ बन रही है
शिल्पी: अह्ह्ह्हह उउउउउ भैया कुछ भी बोलो आपसे से चुदने में मजा बहुत आता है.. आईई भैया जोर जोर से मारो अपनी इस रंडी की गांड.. फाड़ दो मेरी गांड भैया
मैं शिल्पी की बड़ी गांड को पकड़ कर तेजी से चोद रहा था… घचा घच लंड शिल्पी के गांड के अंदर बाहर हो रहा था.. आईई उउउउउ भैया और तेज…. शिल्पी की बड़ी बड़ी चूचियों को दबा दबा कर चोदने में बहुत मजा आ रहा था.. अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह शिल्पी मेरा हो गया..
शिल्पी: उफ्फ्फ भैया आपने तो दोनों साइड से बजा दिया मुझे
मैं: शिल्पी ऐसी मस्त गांड तो ठुकने के लिए ही होती है

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